• न हि ज्ञानेन सदृशं पवित्रमिह विद्यते।

  • ज्ञान के समान पवित्र इस संसार में कुछ नहीं है।।

  • There is nothing more pure in this world than knowledge(Jyana)

Academics

Department of Hindi

हिंदी विभाग 

निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल।
बिन निज भाषा-ज्ञान के, मिटत न हिय को सूल।।

- भारतेन्दु हरिश्चन्द्र
इतिहास
  • भारती कॉलेज का हिन्दी विभाग कॉलेज के सबसे महत्त्वपूर्ण और प्रतिष्ठित विभागों में से एक है। 1971 में जब कॉलेज की स्थापना हुई तो उस समय सिर्फ बी॰ ए॰ पास (अब जिसे प्रोग्राम कहा जाता है) के शिक्षण की व्यवस्था थी। बाद के कुछ वर्षों में अन्य ऑनर्स कोर्स के साथ हिन्दी ऑनर्स के शिक्षण की व्यवस्था भी की गई। भाषा और साहित्य शिक्षण खासकर हिन्दी जैसे विषयों के अध्ययन का उद्देश्य दिल्ली के दूर दराज के लड़कियों को शिक्षा के माध्यम से एक स्वस्थ्य, प्रतियोगी माहौल देना और एक संवेदनशील नागरिक बनाना था और इस उद्देश्य को पाने में आज भी यह कॉलेज अपनी चुनौतीपूर्ण भूमिका के साथ प्रयत्नशील है।

छात्रों के लिए स्कोप
  • हिंदी विभाग स्नातक स्तर पर बी. ए. ऑनर्स (हिंदी) और स्नात्तकोत्तर (एम॰ए॰) पाठ्यक्रम के साथ स्नातक स्तर पर अनेक विकल्पों में बी॰ ए॰ प्रोग्राम का संचालन करता है, जिससे छात्राओं को हिंदी साहित्य के साथ-साथ रंगमंच, अनुवाद, भाषाविज्ञान, जनसंचार एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने और रोजगारोन्मुख होने में काफी मदद मिलती है। हिंदी साहित्य के अध्ययन से आज की युवा पीढ़ी समाजोन्मुख और संवेदनशील तो बनती ही है साथ ही उनके व्यक्तित्व और चरित्र निर्माण में भी यह महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

  • हमारी अनेक पूर्व छात्राएं अकादमिक (स्कूल एवं महाविद्यालय) जगत के साथ साथ मीडिया, रंगमंच, प्रशासनिक, साहित्यिक और कॉरपोरेट सेक्टर में कार्यरत हैं।

विभाग का विजन और मिशन
  • छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए विभाग के द्वारा समय समय पर अनेक प्रकार की गोष्ठियों, कार्यशालाओं के साथ रचनात्मक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों जैसे वाद विवाद प्रतियोगिता, आशु भाषण प्रतियोगिता, रचनात्मक लेखन प्रतियोगिता ,नाटक प्रतियोगिता, काव्य पाठ एवं लेखन प्रतियोगिता और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता इत्यादि का आयोजन किया जाता है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य छात्राओं की रचनात्मकता को उभारने के साथ-साथ देश दुनिया के प्रतिष्ठित विद्वानों/ हस्तियों के विचारों से अवगत करवाना और उन बौद्धिक परिस्थितियों का निर्माण करना है, जिससे आगे चलकर एक भूमंडलीय भारत को दिशा मिल सके।

  • विभाग से एक साप्ताहिक भित्ति पत्रिका ‘अभिव्यक्ति’ का प्रकाशन भी किया जाता है। वर्ष २०२०-२०२१ से विभाग अपनी ई-पत्रिका का सम्पादन कार्य भी शुरू करने हेतु प्रयासरत है।

विभागीय संस्था
  • "सृजन" हिंदी साहित्य सभा हिंदी विभाग की विभागीय संस्था है जिसे विद्यार्थी प्राध्यापकों के परामर्श से स्वयं संचालित करते हैं। हिंदी साहित्य सभा वर्ष भर अनेक प्रकार के साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करता है।

संकाय सदस्य
  • डॉ. अनिता सिहमार (एम.फ़िल.,पीएच.डी.)
  • डॉ. मंजु शर्मा (एम.फ़िल.,पीएच.डी.)
  • डॉ. संगीता रानी (एम.फ़िल.,पीएच.डी.)
  • डॉ. प्रेम कुमारी सिंह (एम.फ़िल.,पीएच.डी.)
  • डॉ. गीता मीणा (एम.फ़िल.,पीएच.डी.)
  • डॉ. रेखा शर्मा (एम.फ़िल.,पीएच.डी.)
  • डॉ. सविता जैमिनी (एम.फ़िल.,पीएच.डी.)
  • डॉ. राजीव रंजन निराला (एम.फ़िल.,पीएच.डी.)
  • डॉ. अभिषेक पुनीत (एम.ए.,पीएच.डी.)
  • डॉ. गोपाल जिंगर (एम.ए.,पीएच.डी.)
  • श्री प्रदीप कुमार (एम.ए.)
  • डॉ. प्रत्यय अमृत (एम.ए.,पीएच.डी.)
  • सुश्री ललिता रतनू (एम.ए.)
  • सुश्री अनुप्रिया (एम.ए.)
  • डॉ. वसुंधरा शर्मा  (एम.ए.,पीएच.डी.)
सेवानिवृत संकाय सदस्य
  • डॉ. चंद्र्प्रभा तुली (पीएच.डी.)
  • डॉ. सरोज कुमारी (पीएच.डी.)
  • डॉ. उर्मिल गम्भीर (पीएच.डी.)
  • डॉ. विनीता भल्ला (पीएच.डी.)
  • डॉ. सुमेधा कुमार (पीएच.डी.)
  • डॉ. निर्मल ज़िंदल (पीएच.डी.)
  • डॉ. आशा गुप्ता (पीएच.डी.)
  • डॉ. मंजुला शुक्ला (पीएच.डी.)

हिन्दी विभाग रिपोर्ट 2022-2023

विभागाध्यक्ष: डॉ. प्रेम कुमारी सिंह (एम.फ़िल.,पीएच.डी.)


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